UP DElEd Counselling 2026 : काउंसलिंग 11 अगस्त से हुई शुरू, जानें Choice Filling, फीस, कॉलेज चयन और आगे की प्रक्रिया
Last Updated on 13/08/2026 3:10 PM by Prashant Shahi
UP DElEd Counselling 2026 : उत्तर प्रदेश में डीएलएड प्रशिक्षण 2026 में प्रवेश की प्रक्रिया अब काउंसलिंग चरण में पहुंच गई है। अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर अब प्रशिक्षण संस्थान/कॉलेज में सीट आवंटित की जाएगी। इस वर्ष यूपी डीएलएड में करीब 2.39 लाख सीटों पर प्रवेश प्रस्तावित है। इनमें जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), CTE वाराणसी तथा प्रदेश के मान्य निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थान शामिल हैं।
काउंसलिंग में अभ्यर्थियों को अपनी मेरिट/रैंक के अनुसार उपलब्ध संस्थानों में विकल्प चुनने, सीट आवंटन की स्थिति देखने और सीट मिलने पर निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने पर ध्यान देना चाहिए। केवल चॉइस भरना पर्याप्त नहीं है; सीट मिलने के बाद दस्तावेज सत्यापन और प्रवेश की औपचारिकताएं भी पूरी करनी होंगी।
UP DElEd Counselling 2026 : Latest Update
उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी, प्रयागराज द्वारा डीएलएड प्रशिक्षण 2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया 11 अगस्त 2026 से संचालित की जा रही है। और अंतिम तिथि 14 अगस्त 2026 तक निर्धारित हैं । अभ्यर्थियों का आवेदन प्रदेश के सरकारी तथा निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए मान्य रहेगा।
इस प्रवेश प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता और संबंधित मेरिट के आधार पर सीट आवंटन किया जाएगा। इसलिए काउंसलिंग के दौरान कॉलेज/संस्थान का विकल्प भरते समय केवल नाम देखकर विकल्प न चुनें, बल्कि संस्थान की मान्यता, स्थान, उपलब्ध सीट और अपने आने-जाने या रहने की सुविधा को भी ध्यान में रखें।
UP DElEd Counselling 2026 : मुख्य जानकारी
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| काउंसलिंग का नाम | UP DElEd Counselling 2026 |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| प्रवेश पाठ्यक्रम | डीएलएड (D.El.Ed) |
| काउंसलिंग शुरू | 11 अगस्त 2026 |
| अंतिम तिथि | 14 सितम्बर 2026 |
| प्रवेश का आधार | मेरिट के आधार पर |
| कुल सीटें | लगभग 2.39 लाख |
| संस्थान | DIET एवं मान्य निजी प्रशिक्षण संस्थान |
| आधिकारिक वेबसाइट | updeled.gov.in |
UP DElEd Counselling में किस आधार पर सीट मिलेगी ?
डीएलएड 2026 में प्रवेश के लिए अलग से प्रवेश परीक्षा के बजाय निर्धारित नियमों के अनुसार मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया अपनाई जा रही है। आधिकारिक दिशा-निर्देशों में सभी पात्र अभ्यर्थियों के चयन को मेरिट के आधार पर किए जाने की बात कही गई है।
अभ्यर्थियों की मेरिट तैयार करने में आवेदन के दौरान उपलब्ध कराए गए शैक्षणिक विवरण महत्वपूर्ण हैं। इसलिए काउंसलिंग के समय वही अभ्यर्थी आगे बढ़ेंगे जिनकी पात्रता और दस्तावेज निर्धारित नियमों के अनुरूप होंगे।
UP DElEd Counselling 2026 में Choice Filling कैसे करें ?
काउंसलिंग का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा कॉलेज/संस्थान की चॉइस फिलिंग है। अभ्यर्थी को अपनी प्राथमिकता के अनुसार उपलब्ध संस्थानों का विकल्प देना होता है। चॉइस भरते समय इन बातों का ध्यान रखें।
- सबसे पहले अपनी मेरिट/स्टेट रैंक देखें।
- उपलब्ध संस्थानों की सूची और सीट स्थिति जांचें।
- पसंदीदा कॉलेज को ऊपर की प्राथमिकता दें।
- केवल एक-दो कॉलेज पर निर्भर न रहें।
- अपनी रैंक के अनुसार पर्याप्त विकल्प भरें।
- सरकारी DIET और अन्य पसंदीदा संस्थानों को प्राथमिकता क्रम में रखें।
- कॉलेज की दूरी, परिवहन और रहने की सुविधा पर भी विचार करें।
- चॉइस लॉक करने से पहले पूरा विकल्प क्रम दोबारा जांचें।
सबसे बड़ी गलती : केवल नजदीकी कॉलेजों को भरना। यदि आपका लक्ष्य बेहतर संस्थान में सीट पाना है, तो मेरिट और उपलब्ध सीटों को ध्यान में रखते हुए व्यापक विकल्प देना ज्यादा व्यावहारिक है।
सीट अलॉटमेंट कैसे होगा ?
चॉइस फिलिंग पूरी होने के बाद उपलब्ध सीटों और अभ्यर्थी की मेरिट के आधार पर सीट आवंटन किया जाएगा। जिस अभ्यर्थी को उसकी प्राथमिकता के अनुसार सीट मिलती है, उसे आगे की प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी करनी होगी।
सीट अलॉटमेंट का मतलब सीधे अंतिम प्रवेश नहीं है। सीट मिलने के बाद अभ्यर्थी को संबंधित निर्देशों के अनुसार दस्तावेज सत्यापन, शुल्क भुगतान और संस्थान में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है। इसलिए सीट अलॉटमेंट जारी होने के बाद केवल रिजल्ट देखकर न रुकें। Allotment Letter/Seat Allotment Details और आगे की तारीखों को तुरंत चेक करें।
सीट मिलने के बाद क्या करना होगा ?
यदि आपको UP DElEd Counselling 2026 में सीट मिल जाती है, तो सामान्यतः आगे ये काम महत्वपूर्ण होंगे:
- अपने कैंडिडेट लॉगिन में सीट अलॉटमेंट स्टेटस चेक करें।
- अलॉटेड संस्थान का नाम और कोड जांचें।
- अलॉटमेंट/प्रवेश संबंधी दस्तावेज डाउनलोड करें।
- निर्धारित समय में जरूरी शुल्क जमा करें।
- मूल शैक्षणिक दस्तावेज तैयार रखें।
- आरक्षण का लाभ लेने वाले अभ्यर्थी संबंधित प्रमाण-पत्र रखें।
- निर्धारित स्थान/संस्थान पर दस्तावेज सत्यापन कराएं।
- प्रवेश की अंतिम औपचारिकता पूरी करें।
आधिकारिक दिशा-निर्देशों में भी प्रवेश के समय अभिलेखीय जांच और आवश्यक प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया है।
UP DElEd Counselling के लिए कौन-कौन से दस्तावेज रखें ?
अभ्यर्थियों को काउंसलिंग और प्रवेश के समय सामान्य तौर पर निम्न दस्तावेज उपयोगी रहेंगे।
- डीएलएड आवेदन पत्र/रजिस्ट्रेशन विवरण
- मेरिट/रैंक संबंधी विवरण
- हाईस्कूल प्रमाण-पत्र एवं अंकपत्र
- इंटरमीडिएट प्रमाण-पत्र एवं अंकपत्र
- स्नातक की मार्कशीट और प्रमाण-पत्र
- वैध पहचान पत्र
- निवास प्रमाण-पत्र, जहां लागू हो
- जाति प्रमाण-पत्र, जहां लागू हो
- दिव्यांग प्रमाण-पत्र, जहां लागू हो
- अन्य आरक्षण/विशेष श्रेणी प्रमाण-पत्र, जहां लागू हो
- पासपोर्ट साइज फोटो
- आवश्यक शुल्क/प्रवेश संबंधी भुगतान प्रमाण
आधिकारिक नियमों के अनुसार प्रवेश के समय पात्रता और आरक्षण से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन महत्वपूर्ण है। गलत या असंगत जानकारी मिलने पर अभ्यर्थी का दावा प्रभावित हो सकता है।
UP DElEd 2026 में पात्रता कितनी है ?
आधिकारिक सामान्य दिशा-निर्देशों के अनुसार अभ्यर्थी के पास मान्य संस्थान/विश्वविद्यालय से स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक निर्धारित हैं, जबकि SC/ST/OBC, दिव्यांग और कुछ अन्य निर्धारित श्रेणियों को नियम के अनुसार 5 प्रतिशत तक की छूट दी गई है।
आयु सीमा की बात करें तो 1 जुलाई 2026 को न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम 35 वर्ष होनी चाहिए। SC, ST और OBC वर्ग को अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष तथा दिव्यांग अभ्यर्थियों को नियमों के अनुसार अधिकतम आयु में 15 वर्ष की छूट दी गई है।
UP DElEd Counselling में UP Domicile वालों को क्या लाभ ?
उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी अभ्यर्थियों को डीएलएड प्रवेश में प्राथमिकता का प्रावधान है। आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रवेश के समय संबंधित गृह जनपद के सक्षम अधिकारी द्वारा जारी निवास प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक हो सकता है।
पहले चरण की प्रक्रिया के बाद यदि सीटें खाली रहती हैं, तो नियमों के अनुसार अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों को भी रिक्त सीटों के लिए संस्थान का विकल्प देने का अवसर मिल सकता है।
पसंद का कॉलेज नहीं मिले तो क्या करें ?
यदि पहली पसंद का कॉलेज नहीं मिलता है, तो तुरंत निराश होने की जरूरत नहीं है। आगे के काउंसलिंग राउंड में रिक्त सीटों के आधार पर अवसर मिल सकता है, यदि प्राधिकरण की ओर से अगला चरण आयोजित किया जाता है।
लेकिन यदि किसी राउंड में सीट मिल चुकी है, तो सीट स्वीकार करने, अपग्रेडेशन या आगे की प्रक्रिया से संबंधित आधिकारिक नियम पहले पढ़ें। बिना नियम समझे सीट छोड़ना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
कॉलेज चुनते समय इन 5 बातों की जांच करें
कॉलेज चुनना केवल नाम या घर से दूरी के आधार पर नहीं होना चाहिए। अभ्यर्थी को निर्णय लेने से पहले:
- संस्थान की मान्यता और संबद्धता देखें।
- उपलब्ध सीट और संस्थान की श्रेणी जांचें।
- कॉलेज का वास्तविक स्थान देखें।
- फीस और अन्य संभावित खर्चों की जानकारी लें।
- आने-जाने या हॉस्टल की सुविधा पर विचार करें।
विशेष रूप से निजी कॉलेज चुनने से पहले शुल्क और संस्थान की मान्यता से जुड़ी जानकारी आधिकारिक स्रोत से सत्यापित करना बेहतर रहेगा।
UP DElEd Counselling 2026: अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सलाह
काउंसलिंग के दौरान सबसे जरूरी बात है कि अभ्यर्थी अंतिम तिथि का इंतजार न करें। पोर्टल पर ट्रैफिक या तकनीकी समस्या की स्थिति में अंतिम समय पर चॉइस फिलिंग या दस्तावेज संबंधी काम अटक सकता है।
अपना रजिस्ट्रेशन नंबर, पासवर्ड और अन्य लॉगिन विवरण सुरक्षित रखें। चॉइस भरने के बाद उसका रिकॉर्ड/प्रिंट सुरक्षित रखना भी उपयोगी रहेगा। साथ ही किसी सोशल मीडिया पोस्ट या अनौपचारिक कॉलेज सूची के आधार पर निर्णय लेने के बजाय आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध संस्थान और सीट की जानकारी को प्राथमिकता दें।
UP DElEd Counselling 2026 : महत्वपूर्ण लिंक
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